NEWS TODAY- THURSDAY, 18 SEPTEMBER, 2014 .

Result of Sr.Teacher Grade-II (Sec.Edu.Deptt.) EXAM 2013 for SOCIAL SCIENCE, MATHEMATICS, PUNJABI, URDU and GUJARATI available under result18sepCUT OFF of Sr.Teacher Grade-II EXAM 2013 for SOCIAL SCIENCE, MATHEMATICS, PUNJABI, URDU and GUJARATI

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  1. eng cut off. gen-325 obc-318. sc-304. st-295 my idea aapke vichar se kya hogi.please reply kare. Hindi cut off . gen-332. obc- 326. sc-318. st-309 aapke vichar se kya hogi. set hindi cut-off. gen-228. obc-219. sc-214. st-204. Hindi 1st grade cut off. gen-272. obc-268. sc-260. st-252 mere vichar se merit itni reh sakti hai hindi wale please reply kare.

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  3. शिक्षा मंत्री के आदेश से
    ही हिलेगा शिक्षा विभाग
    का पत्ता
    Thu, 18 Sep 2014 05:40:43 | Sikar Hindi
    News
    Tags : sikar news hindi news rajasthan news rajasthan patrika news
    सीकर।
    शिक्षा मंत्री की इच्छा के
    बिना शिक्षा विभाग में कोई फेरबदल
    नहीं होगा। न
    तो किसी कर्मचारी की नियुक्ति हो सकेगी और
    न ही कोई पदोन्नति और स्थानांतरण।
    शिक्षा मंत्री ने एक पत्र शिक्षा आयुक्त व
    निदेशकों को जारी किया है।
    पांच सितंबर को जारी पत्र में लिखा है
    कि शिक्षा मंत्री कार्यालय
    की अनुमति के बगैर शिक्षा विभाग में भविष्य में
    कोई भी नियुक्ति, पदोन्नति व स्थानांतरण
    नहीं होगा। इसके लिए
    अनुमति लेनी होगी।
    शिक्षा मंत्री का ये पत्र राजस्थान प्रारंभिक
    शिक्षा परिष्ाद, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिष्ाद, कॉलेज
    शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्रारंभिक
    शिक्षा विभाग के आयुक्त व निदेशक
    को जारी किया गया है।
    पत्र में यह भी लिखा है कि यह निर्देश
    नीचे के अधिकारियों को भी दिए जाएं।
    शिक्षा मंत्री के पत्र के मुताबिक कर्मचारियों के
    संबंध में यह आदेश पहले
    भी जारी किए जा चुके हैं लेकिन
    शिक्षा विभाग में
    उसकी पालना नहीं हुई। पत्र
    में साफ लिखा है कि मामले में पहले
    भी शिक्षा विभाग को निर्देशित
    किया जा चुका है, लेकिन अनुमति जरूरी है।

  4. बीएड-एमएड करने वाले
    हो जाएंगे कम!
    Thu, 18 Sep 2014 01:12:51 | Rajasthan
    Hindi News
    जयपुर। देश में बीएड और एमएड
    पाठयक्रमों को दो साल का किए जाने से प्रवेश
    का आंकड़ा कम होना तय है। प्रदेश के 800 से
    अधिक बीएड कॉलेजों में तो पहले से
    ही छात्रों की संख्या कम
    हो रही है। अब दो साल होने से
    प्रवेश लेने वालों की संख्या और घटना तय
    है।
    हालांकि इसका शिक्षकों की जरूरत पर अधिक
    प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिलहाल राज्य में 15
    लाख से अधिक प्रशिक्षित बेरोजगार हैं और
    सरकारी स्कूलों में फिलहाल दो लाख से अधिक
    शिक्षकों की जरूरत है।
    राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिष्ाद ने
    पाठ्यक्रमों को दो साल करने को लेकर तीन
    माह पहले जयपुर में एक बैठक बुलाई
    थी, जिसमें देश के विशेष्ाज्ञों ने पाठ्यक्रम
    अवधि बढ़ाने का विरोध किया था।
    राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षा विभाग के पूर्व
    डीन और कई बार बीएड व
    एमएड परीक्षाओं के प्रदेश संयोजक रहे
    प्रो. मथुरेश्वर पारीक का कहना है कि नई
    पहल अकादमिक स्तर पर तो ठीक है।
    इसका फायदा तभी होगा जब दो साल कक्षाएं
    लगे, छात्र वास्तव में प्रशिक्षण लें और इसका चैक
    सिस्टम हो। पूरे देश में बीएड और एमएड
    पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के मामले में कक्षाओं से
    दूरी सबसे बड़ी समस्या है।
    इसलिए उपस्थिति का नियम कागजों की बजाय
    व्यवहारिक रूप में सख्ती से लागू
    किया जाना चाहिए।
    उपस्थिति जांचने की व्यवस्था हो`
    फिलहाल देश में बीएड-एमएड करने वाले
    हजारों अभ्यर्थी कक्षाओं में नियमित जाते
    ही नहीं है।
    बिना उपस्थिति की चैकिंग व्यवस्था के
    पाठयक्रम को दो साल करने को विशेष्ाज्ञों ने गलत
    बताया है। इनका कहना है कि इससे अभ्यर्थियों पर
    शुल्क का भार ही बढ़ने वाला है।
    संस्कृत विवि में प्रदर्शन
    जगद्गुरू रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत
    विवि की एनएसयूआई इकाई ने पाठयक्रम
    को दो साल का किए जाने एवं विवि में ठप
    पड़ी अनसुंधान इकाई के विरोध में बुधवार
    को छात्र नेता ललित किशोर गोलाड़ा और हनुमान
    चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने
    नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
    इन छात्रों ने राजस्थान विवि के बीएड विभाग
    की तरह शुल्क माफ करने और मैस को चालू
    रखने की भी मांग की।

  5. सैकंड ग्रेड शिक्षक
    भर्ती परीक्षा 2013:पांच
    विषयों का परिणाम घोषित
    अजमेर।राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सैकंड ग्रेड शिक्षक
    भर्ती परीक्षा 2013 के पांच
    विषयों सामाजिक विज्ञान, गणित, गुजराती, उर्दू
    व पंजाबी का परिणाम बुधवार रात्रि घोषित कर
    दिया। आयोग ने विषयवार परिणाम व वर्ग वार कट ऑफ
    मार्क्स जारी कर दिए हैं। परिणाम आयोग
    की वेबसाइट पर भी उपलब्ध
    है। आयोग सचिव के अनुसार यह
    सूची पूर्णतया अनंतिम है।
    इसकी पात्रता की जांच
    नहीं की गई है।
    अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट से
    विस्तृत आवेदन पत्र प्राप्त कर प्रमाण पत्रों सहित 29
    सितम्बर तक आयोग में प्रस्तुत कर सकेंगे। विस्तृत
    आवेदन पत्र प्राप्त होने के बाद
    इनकी पात्रता की जांच
    की जाएगी। इसके बाद स्पष्ट पाए
    गए पात्र अभ्यर्थियों के नाम नियुक्ति के लिए अभिस्तावित
    किए जाएंगे। उत्तर कुंजियां आयोग की वेबसाइट
    पर जल्द
    ही डाली जाएंगी।
    उच्च न्यायालय के आदेशानुसार जो परिणाम रोके गए हैं,
    उन
    अभ्यर्थियों का ब्यौरा भी जारी कर
    दिया गया है। अंतिम सूचना आयोग की मान्य
    होगी।
    इनका नतीजा बाकी :
    हिन्दी, संस्कृत, विज्ञान व
    अंग्रेजी।
    अब तक की सबसे
    बड़ी परीक्षा : यह
    परीक्षा आयोग के इतिहास
    की अब तक की सबसे
    बड़ी परीक्षा थी जो 21
    से 25 फरवरी के बीच आयोजित
    हुई। प्रदेश भर में कुल 2517
    परीक्षा केन्द्र बनाए गए।
    किस विष्ाय में
    कितनी भर्ती की जानी है :
    गणित 2213, अंग्रेजी 1829,
    हिंदी 1735, संस्कृत 483,
    पंजाबी 8, गुजराती 2, उर्दू 409
    विज्ञान के 2062 तथा सामाजिक 706 पदों पर
    भर्ती की जानी है।
    शिक्षक भर्ती परीक्षा में दस
    विष्ायों को सम्मिलित किया गया था बाद में
    सिंधी विष्ाय को हटा दिया गया। नौ विष्ायों में
    परीक्षा ली गई।
    गड़बडियों का भंडाफोड़ हुआ था
    जोधपुर में 21
    फरवरी को भर्ती परीक्षा के
    पहले पर्चे शुरू होने के साथ ही पर्चे
    की फोटो खींच कर ब्लूटूथ
    की मदद से अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्रों के
    उत्तर बताने का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने
    दो सरकारी शिक्षक, कोचिंग सेंटर संचालक
    सहित 11 जनों को गिरफतार किया। जोधपुर पुलिस ने जेल
    में बंद महेन्द्र सिंह बिश्नोई के मकान से सात
    जनों को पकड़ा, सरगना मोहनलाल की तलाश
    है। पुलिस ने एक स्कूल के प्राचार्य गणपतलाल से 11
    लाख रूपए व मोबाइल भी बरामद किया था।
    बीकानेर में भी हुईं
    थी गड़बडियां
    बीकानेर में भी सामाजिक विज्ञान
    के पर्चे में नकल कराने का खुलासा हुआ।
    खतुरिया कॉलोनी बीकानेर
    की एक स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के संचालक
    सुधीर शर्मा, सुपरवाइजर रामचंद्र आचार्य व
    कैशियर रामनिवास ने मिल कर प्रश्न पत्र
    की फोटो मैमोरी कार्ड से
    अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई। इससे पूर्व प्रश्न पत्र
    को हल करवाने की सूचना मुखबिर के जरिए
    सूचना मिलने पर जिला पुलिस ने मरूधर कॉलोनी में
    दबिश देकर छह जनों को पकड़ा था।

  6. उपचुनाव परिणाम पर बोले पायलट भाजपा हार पर मंथन करे, पढ़ें भास्कर से विशेष बातचीतDainikbhaskar.com Sep 18, 2014, 06:37:00 AM IST
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    (कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट भास्कर से विशेष बातचीत के दौरान) 
     
    जयपुर. विधानसभा की चार सीटों पर हुए उप चुनाव में कांग्रेस की तीन सीटों पर जीत के बाद पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि संगठन की रणनीति और बड़े लीडर्स के साथ के कारण यह संभव हुआ। पायलट ने भास्कर से बातचीत में कहा कि यह जीत एकजुट कांग्रेस, कार्यकर्ताओं की मेहनत, सभी छोटे-बड़े नेताओं, पदाधिकारियों, संगठन की रणनीति के दम पर हुई है। उपचुनाव में चार में से 3 सीटों पर जीत ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पायलट ने जो रणनीति बनाई, उस पर वे खरे उतरे। पेश है भास्कर से बातचीत-
     
    इस परिणाम के क्या मायने हैं?
    पहला मौका है जब भारी मेन्डेट के 9 माह बाद ही किसी पार्टी को जनता ने सिरे से नकारा है। यह कांग्रेस की जमीनी ताकत को दिखाता है। 
     
    भाजपा की इतनी बड़ी जीत के बाद ऐसी हार क्यों हुई?कांग्रेस संगठन की माइक्रो लेवल पर की गई रणनीति, कार्यकर्ताओं की मेहनत ही जीत का आधार बनी। भाजपा मंथन करे, इतनी बड़ी जीत के बाद उसकी ऐसी हार क्यों हुई।
     
    जीत का कम अंतर क्या कांग्रेस के लिए उत्साह की बात है?
    सभी चारों सीटों पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया गया। कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया। चुनाव प्रचार खत्म होने के बावजूद मतदान वाले दिन शाम तक मंत्री, एमएलए, एमपी उपचुनाव क्षेत्र में डटे रहे।
     
    किन मुद्दों ने आपकी पार्टी को जीत दिलाई?
    वसुंधरा सरकार 9 माह में भी अपना मंत्रिमंडल विस्तार नहीं कर पाई। मंत्री नहीं थे तो काम भी नहीं हुए। सभी वर्ग का ध्यान नहीं रखा। जातिवाद की राजनीति करते रहे। किसी भी वर्ग के किसी नेता ने अपना कद बढ़ाने की कोशिश की तो पर कतर दिए।
     
    अब पार्टी का क्या टारगेट है? 
    कांग्रेस का अब पूरा फोकस नगरीय निकाय और पंचायती राज के चुनावों पर रहेगा। सत्तारूढ़ भाजपा को इन चुनावों में हराकर हम जमीनी स्तर पर कांग्रेस की पकड़ का अहसास कराएंगे।

  7. एकीकरण पर भड़के सराफ, कहा,सबकुछ िनयम से हुआDainikbhaskar.comSep 18, 2014, 04:55:03 AM IST
    जयपुर। विधानसभामें शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ उस समय भड़क गए जब विपक्ष के मुख्य सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा ने स्कूलों के एकीकरण का मामला उठाया और कहा कि इसके कारण से ही भाजपा उपचुनाव हार गए। बार-बार टोकाटाकी के बीच मंत्री सराफ दो बार बैठ गए और बैठते हुए बोले, आप सुनना नहीं चाहते तो मैं जवाब नहीं देता। मामला शांत होने पर फिर बोले। सराफ ने कहा कि स्कूलों के एकीकरण एवं समानीकरण में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानदंडों की पूरी तरह से पालना सुनिश्चित की गई है। आरटीई में प्राथमिक विद्यालय की दूरी एक किलोमीटर एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय की दूरी दो किलोमीटर से अधिक नहीं होने का प्रावधान है। साथ ही इसका भी ध्यान रखा गया है कि स्कूल जाते समय मध्य में नदी, नाला, पहाड़ या बड़ा कस्बा होने पर स्कूल को मर्ज नहीं किया जाए।

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